मीटिंग में अपनी बात रखने के लिए कोई और बनना ज़रूरी नहीं
अपने शब्दों और सुविधाजनक तरीके से मीटिंग में रखने के लिए एक काम का सवाल या बात तैयार कीजिए।
अपने ढंग से एक काम की बात रखने की तैयारी के छह तरीके।
आपको एक बात कहनी है। मीटिंग शुरू होती है। बातचीत तेज़ी से आगे बढ़ती है। आपका वाक्य अभी मन में संपादित हो रहा है।
जब तक तैयार हुआ, उसमें भूमिका भी जुड़ गई, तीन स्पष्टीकरण भी और सेवानिवृत्ति की योजना भी।
जहाँ अपनी बात रखना सहज लगे, ऐसी रोज़मर्रा की मीटिंग के लिए एक काम की बात तैयार करके देखिए।
1. अपना मक़सद थोड़ा साफ़ कीजिए
आपकी बात से क्या साफ़ हो सकता है? काम देने का समय, कोई अधूरी जानकारी, एक विकल्प या कोई फ़ैसला?
“पूछना है कि आख़िरी प्रति कौन भेजेगा” एक साफ़ मक़सद है। अपनी भूमिका और मीटिंग के हिसाब से एक बात चुनिए।
2. पहला वाक्य लिख लीजिए
“काम सौंपने के बारे में एक सवाल है।” या: “कल जो आज़माकर देखा था, उसकी एक बात यहाँ काम आ सकती है।”
वैसे ही शब्द रखिए जैसे आप आम तौर पर बोलते हैं। छोटा-सा नोट काफ़ी है। बारी आए, तो उसे देखकर बोल सकते हैं।
3. बातचीत में जुड़ने का तरीका चुनिए
किसी विराम पर बोलिए, ऑनलाइन मीटिंग में हाथ उठाने का विकल्प चुनिए या वहाँ बारी लेने का जो तरीका है, उसे अपनाइए।
समूह में बोलना मुश्किल लगता है, तो पहले सवाल भेज सकते हैं। लिखकर बात रखने का तय माध्यम भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जिस व्यवस्था से भाग लेना आसान हो, उसके लिए पूछ सकते हैं।
4. बात रखिए, फिर जवाब के लिए जगह दीजिए
ज़रूरी जानकारी दीजिए या सवाल पूछिए। फिर दूसरों को जवाब देने दीजिए।
कुछ पता नहीं है, तो कह सकते हैं: “यह अभी जाँचा नहीं है।” और जानकारी माँगी जाए, तो जितना जानते हैं, बताइए। जो बाक़ी है, उसके बारे में कब तक जवाब देंगे, यह तय कर लीजिए।
5. ऐसी राय माँगिए जो काम आए
बाद में किसी भरोसेमंद सहकर्मी से पूछ सकते हैं: “मेरा सवाल साफ़ था?” या: “कौन-सी जानकारी और होती, तो बेहतर रहता?”
सोचने के लिए एक बात चुनिए। पूरे व्यक्तित्व पर फ़ैसला लेना ज़रूरी नहीं। मीटिंग में पहले ही काफ़ी मुद्दे थे।
6. अपने साथ मीटिंग का ढंग भी देखिए
बार-बार बात काटी जाए या बात को हल्के में लिया जाए, तो उस पर ध्यान देना चाहिए। सिर्फ़ आपकी तैयारी से मीटिंग का माहौल नहीं बदलता।
उचित लगे, तो आयोजक से बोलने की बारी साफ़ रखने या लिखकर बात रखने की व्यवस्था माँगिए। काम की जगह पर किसी भरोसेमंद व्यक्ति से सहयोग भी ले सकते हैं। अपने हालात के हिसाब से तरीका चुनिए।
आज करके देखिए: अगली रोज़मर्रा की मीटिंग के लिए एक काम का सवाल और उसे शुरू करने का वाक्य लिखिए। तय कीजिए कि उसे कैसे रखना चाहेंगे।
अपने लिए एक सवाल: मैं चाहता हूँ कि इस बातचीत से कौन-सी बात समझ में आए या कौन-सा फ़ैसला हो?
AI की सहायता से तैयार संपादकीय सामग्री।
डॉ. अतुल असवानी द्वारा समीक्षित।