रिसर्च पेपर · RP22
ऑफिस में स्ट्रेस 0.45 गिरा — रोज 10 मिनट की खुद पर मेहरबानी से
Ferrari 2019 ने सबको एक साथ जोड़ दिया। नौकरी वाले लोगों में सेल्फ-कम्पैशन प्रैक्टिस से स्ट्रेस Hedges g = 0.45 (95% CI 0.22 to 0.68; k = 4) गिरा। बर्नआउट g = 0.44 (95% CI 0.16 to 0.71) दो डिजिटल वेट-लिस्ट ट्रायल में गिरा। टीचर वाली स्टडी जोड़ते ही बर्नआउट का अंतराल शून्य तक आ गया। सेल्फ-कम्पैशन खुद g = 0.63 (95% CI 0.43 to 0.83; k = 5; I² ~ 0%) बढ़ा। सेल्फ-क्रिटिसिज़्म जोड़ नहीं सके। हमने PubMed, PsycINFO, Scopus, Web of Science, Google Scholar, CTRI, ClinicalTrials.gov और OSF preprints देखा। समय: 2010 से 22 September 2026। RCT (ऐसी स्टडी जिसमें लोगों को लॉटरी की तरह दो ग्रुप में बांटा जाता है) और कंट्रोल्ड ट्रायल ली। प्रैक्टिस: सख्त बात को नरम लिखना, दया वाला पत्र, छोटे रोज़ के एक्सरसाइज़। तुलना किसी भी कंट्रोल से। असर Hedges g (असर कितना बड़ा है, इसका नाप) से नापा। मॉडल: random-effects REML। पक्षपात RoB 2 से। यकीन GRADE से। प्रोग्राम के ब्रांड नाम नहीं लिखे। करीब 1,840 रिकॉर्ड मिले। 78 पूरे पेपर पढ़े। ग्यारह स्टडी कहानी में आईं। पांच RCT से सेल्फ-कम्पैशन का आंकड़ा निकला। भारत की कोई योग्य नौकरी-वाली RCT पूल में नहीं आई। यकीन: सेल्फ-कम्पैशन पर मध्यम, स्ट्रेस पर कम-मध्यम, बर्नआउट पर कम, सेल्फ-क्रिटिसिज़्म पर बहुत कम। नौकरी वालों का स्ट्रेस असर Ferrari के सब-मिलाकर g = 0.67 से छोटा है। काम 10 से 15 मिनट के रोज के रेप्स ने किया। चार से आठ हफ्ते। भारत में 59% कर्मचारी बर्नआउट बताते हैं। फिर भी योग्य ट्रायल नहीं है। यह रिव्यू पहले रजिस्टर नहीं हुआ।