रिसर्च पेपर · RP43

एक बैठक, 4 हफ्ते बाद असर सिर्फ 0.15

Schleider और Weisz ने दिखाया था। एक बैठक बच्चों की मदद कर सकती है। यह रिव्यू बड़ों का सवाल पूछती है। एक बैठक कितना देती है? कितने दिन तक? 2010 से 2026 तक की adult RCT (ऐसी स्टडी जिसमें लोगों को लॉटरी की तरह दो ग्रुप में बांटा जाता है) और कंट्रोल्ड ट्रायल देखी गईं। एक बैठक या 15 मिनट से छोटी प्रैक्टिस। फॉलो-अप पर छोटा असर मिला। चार से आठ हफ्ते बाद Hedges g (असर कितना बड़ा है, इसका नाप) = 0.15 (95% CI 0.05 to 0.22)। स्ट्रेस या वेलबीइंग पर। ज्यादातर 10 मिनट के डिजिटल प्रोग्राम महीने के अंत तक नहीं टिके। सभी प्रोग्राम मिलाकर औसत और छोटा था। g = 0.08 (95% CI 0.00 to 0.16)। उसी दिन उम्मीद, शुक्र और हिम्मत ज्यादा हिले। छोटे समय का औसत g = 0.48 (95% CI 0.18 to 0.79)। चार हफ्ते में यह उठान अक्सर चला गया। सबसे बड़ी adult ट्रायल में 7,505 लोग थे। मूड गिरा हुआ था। बारह 10-मिनट डिजिटल प्रोग्राम या खाली कंट्रोल। चार हफ्ते बाद सिर्फ दो प्रोग्राम कंट्रोल से आगे रहे। d = 0.14 और 0.15। लंबा स्क्रिप्ट बेहतर नहीं निकला। 8 मिनट की अकेलापन प्रैक्टिस ने 23 मिनट वाले वर्जन को आठ हफ्ते बाद हराया। d = 0.22। फॉलो-अप पर अंतर कम था। मेगास्टडी का वजन ज्यादा था। छोटी लाइव स्टडी में असर बड़ा दिखा। पक्षपात का खतरा भी ज्यादा था। Egger's test ने छोटी स्टडी का फूलना दिखाया। उसी दिन के बदलाव पर यकीन मध्यम है। फॉलो-अप पर यकीन कम-से-मध्यम है। भारत में कोई योग्य adult ट्रायल नहीं चली। एक बैठक पहला गिना जाने वाला रेप (rep) है। कोर्स नहीं है। भारतीय ऑफ़िस के लिए यह आंकड़ा इसलिए काम का है कि यह छोटा और ईमानदार है। 10 मिनट की व्हाट्सऐप-फर्स्ट प्रैक्टिस दरवाजा खोल सकती है। इंसान की डिलीवरी की जगह नहीं लेती।

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